‘वेलकम बैक’ को नहीं मिला पहले जैसा ‘वेलकम’
जब 2007 में फिल्म ‘वेलकम’ आयी थी, तो उसे बहुत पसंद किया गया था। बाद में इसी फिल्म का सीक्वल ‘वेलकम बैक’ भी आयी। इसमें मुख्य भूमिका में जाॅन अब्राहम, अनिल कपूर, नाना पाटेकर और श्रुति हासन थे। साथ ही नसीरुद्दीन शाह और परेश रावल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। आइए जानते हैं यह फिल्म थी कैसी?

वैसे तो ‘वेलकम बैक’ में ऐसा कुछ खास नहीं था नहीं था, जो पहले वाली फिल्म से अलग हो, लेकिन फिर भी जिस तरह से अनिल कपूर माइ नेम इज लखन के स्टेप दिखाते हैं और जिस तरह से नाना पाटेकर और अनिल कपूर की जोड़ी ने धमाल किया है, उस वजह से फिल्म देखने लायक बन जाती है।

फिल्म की कहानी लगभग इसके पहले पार्ट के ही जैसी है। अंतर बस यह देखने को मिला है कि नाना पाटेकर और अनिल कपूर की बहन इस बार किसी शरीफ इंसान से नहीं, बल्कि एक गुंडे को दिल दे बैठती है। इधर दोनों अपना घर बसाने का सोच रहे हैं, लेकिन उनकी बहन उनके लिए टेंशन पैदा कर देती है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनकी बहन एक गुंडे यानी कि अजय उर्फ अज्जू भाई (जाॅन अब्राहम) से शादी रचाए। दोनों मिलकर किस तरह से बहन की शादी को रोकते हैं, इसी पर यह फिल्म आधारित है।

सभी कलाकारों ने फिल्म में उम्दा अभिनय किया है। श्रुति हासन को ज्यादा काम नहीं दिया गया है। डिंपल का किरदार भी अच्छा बन पड़ा है। नसीरुद्दीन शाह भी अपनी भूमिका में जंचे हैं। वैसे शाइना अहूजा को देखकर यही एहसास हुआ कि उनका कॅरियर अब खत्म हो चुका है।

जहां तक संगीत और गानों की बात हैं, इसमें सभी डांस सांग्स हैं। ये दिल को छूने वाले नहीं हैं। अनीस बज्मी के निर्देशन में बहुत सारी खामियां नजर आयी हैं। वे उसे ज्यादा इंट्रेस्टिंग नहीं बना सके है। ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने पहले पार्ट की फिल्म ही बस थोड़ी-बहुत बदल कर दोबारा दर्शकों के सामने परोस दी है। फिल्म के लोकेशन खूबसूरत हैं। आप चाहें तो इसे देख सकते हैं और जिन्होंने नहीं देखी है, वे भी दोबारा देख सकते हैं, क्योंकि हंसने का मौका तो यह फिल्म देती ही है।
