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पैडमैन देखने से पहले ये बातें भी जाननी हैं जरूरी

अक्षय कुमार की अगली फिल्म ‘पैडमैन’ को रिलीज होने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है। इससे पहले ‘पद्मावत’ की रिलीज की वजह से इसके रिलीज होने की डेट आगे बढ़ने से वैसे ही अक्षय के फैन्स को मायूसी हाथ लगी थी। अब जब यह फिल्म रिलीज होने के दरवाजे पर खड़ी है, तो हम आपको उससे पहले यहां बता रहे हैं ‘पैडमैन’ के बारे में कुछ ऐसी बातें, जिनके बारे में अब तक नहीं जानते होंगे आप।

जिस तरह से आपने अक्षय को पिछली फिल्म ‘टाॅयलेट एक प्रेम कथा’ में महिलाओं से संबंधित मुद्दे को उठाते हुए देखा, उसी तरह से एक बार फिर अक्षय ने ऐसा ही एक मुद्दा उठाया है। उनकी यह फिल्म अरुणांचलम मुरुगननांथम की जिंदगी से प्रेरित है। इसमें दिखाया गया है कि छोटे से गांव के रहने वाले इस शख्स ने किस तरह से बेहतर और सस्ती सेनिटरी नैपकीन बनाने की मशीन का आविष्कार किया और किस तरह से उसने भारत में महिलाओं तक सस्ती दरों में सेनिटरी नैपकीन पहुंचाने का सपना देखा।

इस फिल्म में लीड रोल में अक्षय कुमार तो हैं ही, साथ ही राधिका आप्टे और सोमन कपूर की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। फिल्म के बारे में बताया जा रहा है कि इसमें एक गंभीर मुद्दे को ऐसे अंदाज में बताने की कोशिश की गयी है कि जागरुकता का संदेश भी लोगों तक पहुंच जाये और फिल्म के जरिये लोगों का मनोरंजन भी हो जाए। वैसे कैमियो करते अमिताभ भी फिल्म में नजर आयेंगे।

फिल्म में आप यह देख पायेंगे कि अरुणांचलम का किरदार निभा रहे अक्षय को कितना बुरा लगता है, जब वह अपने आसपास महिलाओं की सेनिटरी नैपकीन न खरीद पाने की लाचारी को देखता है। यही वजह है कि वह सस्ते नैपकीन तैयार करने की मशीन बनाने का फैसला करता है। उसकी इस कोशिश पर लोग मजे भी लेते हैं, लेकिन वह अपने इरादे से पीछे नहीं हटता।

फिल्म में राधिक आप्टे का एक डाॅयलाॅग है, जिसमें वे कहती हैं, ‘शर्म से मर जाना।’ इससे यह पता चलता है कि हकीकत क्या है हमारे देश की। इसलिए अक्षय की यह फिल्म सभी को जरूर देखनी चाहिए। यह अरुणांचलम की जिंदगी का चित्रण है, जिसमें दिखाया गया है कि उन्होंने कम लागत पर हाइजीनिक और बहुत सस्ते सेनिटरी नैपकीन किस तरह भारतीय बाजार में उतार दिये। इसलिए टाइम पत्रिका ने उन्हें 2014 में दुनिया के 100 सबसे अधिक प्रभावशाली व्यक्तियों की लिस्ट में भी रखा।

पैडमैन इसलिए देखनी जरूरी है कि यह उन लोगों में से एक की कहानी है, जो हिम्मत करते हैं। इसे देखना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यह उन्हीं में से एक की कहानी है, जो करोड़ों की जिंदगी बदलने का माद्दा रखते हैं। अंत में इस फिल्म को देखना इसलिए जरूरी है कि यह कहानी आधी आबादी से जुड़ी है, जो इस सृष्टि का आधार है।