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सुई-धागा के ट्रेलर ने दी बाॅलीवुड को नई देसी गर्ल, मिलिए इनसे

क्रिकेटर विराट कोहली से शादी रचा चुकीं बाॅलीवुड की सबसे लाजवाब अभिनेत्रियों में से एक अनुष्का शर्मा की फिल्म सुई-धागा का ट्रेलर जो रिलीज हुआ है, उसे देखकर तो यही लग रहा है कि फिल्म मेक इन इंडिया की थीम पर बनाई गई है। इसमें वरुण धवन और अनुष्का शर्मा एकदम देसी रंग में रंगे नजर आ रहे हैं।

फिल्म 28 सितंबर को रिलीज होगी। मतलब साफ है कि इसे दो अक्टूबर को मनायी जाने वाली गांधी जयंती के अवसर पर रिलीज किया जा रहा है। शरत कटारिया ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। ट्रेलर को देखकर हर कोई यह कह सकता है कि वरुण और अनुष्का इसमें पूरी तरह से कम्फर्ट जोन से बाहर निकल आये हैं। यह पहला ऐसा मौका है, जब अनुष्का शर्मा ने गांव की सीधी-सादी शादीशुदा महिला का किरदार किसी फिल्म में निभाया है।

अनुष्का के लिए इस भूमिका को निभाना आसान नहीं रहा है और उन्होंने खुद माना है कि शुरुआत में उन्होंने इस फिल्म को ना भी कह दिया था। इसकी कहानी में ममता (अनुष्का शर्मा) और मौजी (वरुण धवन) हैं। मौजी के पास एक छोटी सी नौकरी है। उसका मालिक हमेशा उसे अपमानित करता है। ममता हाउसवाइफ है। पति का अपमान उसे सहन नहीं। आखिरकार वह उसे नौकरी छोड़कर खुद का काम करने की सलाह देती है।

पत्नी की सलाह मौजी मान लेता है। वह नौकरी छोड़ देता है। इसके बाद वह सिलाई का बिजनेस शुरू करता है। इसमें ममता से भी उसे सहयोग मिलता है। उनका यह बिजनेस धीरे-धीरे कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने लगता है। इस तरह से फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है, जो बेरोजगार होने के बाद खुद के व्यापार को स्थापित करता है।

फिल्म के अधिकतर हिस्से दिल्ली और मध्यप्रदेश में फिल्माये गये हैं। सोशल मीडिया पर अनुष्का शर्मा ने फिल्म में अपने पहले लुक की फोटो भी शेयर की थी। इसमें वह कपड़े पर फूलों की कढ़ाई करती हुई नजर आ रही हैं। फोटो के साथ अनुष्का ने कैप्शन में लिखा, कतरन से बुनी कहानी, पैबंद लगा के है सुनानी। पहले लुक में वरुण सिलाई मशीन पर दर्जी की भूमिका में कपड़े की सिलाई करते हुए नजर आ रहे थे। कुछ दिनों पहले ही वरुण धवन और अनुष्का शर्मा की फिल्म सुई धागा का एक लोगो जारी किया गया था।

बॉलीवुड में यह पहला ऐसा मौका था, जब इस तरह का कोई लोगो जारी किया गया। वैसे, फिल्म की रिलीज से पहले यह लोगो पोस्टर, टीजर या ट्रेलर से एकदम अलग था। इस फिल्म का लोगो कंप्यूटर के माध्यम से नहीं, अपितु इम्ब्रॉयडरी के जरिए देश के कई हिस्सों में भेजा गया था। इस लोगो को अलग-अलग राज्यों कश्मीर, उड़ीसा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और असम के परंपरागत और विशेषज्ञ एम्ब्रॉयडरी हस्त कलाकारों ने बनाया था। बीते सात अगस्त को राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के अवसर पर लोगो को सार्वजनिक किया गया था।