काबिल में ऋतिक और यामी को छोड़कर सभी निकले नाकाबिल

दोस्तो, आज हम आपको ऋतिक रोशन और यामी गौतम की फिल्म काबिल के बारे में बताएंगे. आइए, इसकी खासियतों को हम बिन्दुवार समझने की कोशिश करते हैं.
कोरियाई फिल्म का प्रभाव
ऋतिक रोशन को राकेश रोशन ने एक बार फिर अपनी प्रोडक्शन कम्पनी ”फिल्म क्राफ्ट“ के साथ दर्शकों के सामने एक नये अवतार में पेश किया. काबिल भी कई अन्य बॉलीवुड फिल्मों की तरह इन्सपायर्ड है कोरियन फिल्म “Broken” से.
धीमी शुरुआत
फिल्म काबिल की शुरुआत बहुत ही धीमी और खामोशी से होती है. शुरू के कुछ सिक्वेन्स काफी उबाऊ हैं, जो दर्शकों का ध्यान भटकाते हैं. हालांकि स्क्रीन पर यामी गौतम (सुप्रिया) के आने से फिल्म की अलग शुरुआत होती है.
यामी ने छोड़ी छाप
ये फिल्म कहानी है दो अंधे लोगों की, जो अपनी ज़िन्दगी अपनी तरह से जीना चाहते हैं. हमेशा की तरह फिल्म का “विलेन” ऐसा होने नहीं देता. आप यामी को फिल्म “विक्की डोनर” के बाद पहली बार किसी अच्छे रोल में देखेंगे और पसंद भी करेंगे. फिल्मी सूत्रों से पता चला है कि ये रोल पहले करीना और परिणीति को भी ऑफर हुई थी, पर उन्होंने इनकार कर दिया. यामी का रोल छोटा है, पर अपनी छाप छोड़ता है.
फिल्म में इंटरवल के बाद आती है गति
फिल्म का स्क्रीनप्ले इन्टरवल से पहले काफी स्लो है, जो इन्टरवल के बाद पेस में आता है. इन्टरवल से पहले काबिल यामी की फिल्म है और इन्टरवल के बाद ऋतिक की.
ऋतिक का अभिनय शानदार
ऋतिक ने फिर से कमाल का अभिनय किया है, जो दर्शकों को पसंद आएगा. रोनित रॉय भी निगेटिव रोल में दमदार हैं. बाकी कोई भी कलाकार अपनी उपस्थिति दर्ज नही करा पाता.
निष्कर्ष
स्क्रीनप्ले – काफी स्लो है, जो इन्टरवल से पहले दर्शकों को बाँध नही पाता.
म्यूजिक – राजेश रोशन की आज तक की सबसे बुरी फिल्मों में से एक. कोई भी गाना फिल्म से निकलने के बाद याद नहीं रहता.
कैमरा – पार्ट्स में बहुत अच्छा है और बाकी औसत. और बेहतर हो सकता था.
डायरेक्शन – संजय गुप्ता की फिल्म इन्टरवल के बाद लगती है, पहले नहीं.
वर्डिक्ट – फिल्म सिर्फ ऋतिक और यामी के लिए देखी जा सकती है. बाकी फिल्म में कोई काबिलियत नहीं है.
