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असहिष्णुता विवाद के बाद स्मार्ट हो गए हैं शाहरुख, बोले- नहीं आऊंगा राजनीति में

31 जनवरी। फिलिमची समाचार। पिछले साल असहिष्णुता के मुद्दे से जुड़ी बहस में कूदने के कारण काफी आलोचना झेल चुके सुपर स्टार शाहरुख खान ने अब कहा है कि वे कलाकार हैं और राजनीति में आने की उनकी कोई मंशा नहीं है। शाहरुख खान ने अपनी ताज़ा फिल्म रईस की सक्सेस पार्टी में कहा कि “मुझे सिर्फ़ अभिनय पसंद है और मैं राजनीति के बारे में कुछ भी नहीं जानता, ना ही इसमें मेरी दिलचस्पी है।”

शाहरुख खान रईस फिल्म में अपनी भूमिका से जुड़े एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि “जीवन में कभी भी मैं राजनीति से नहीं जुड़ना चाहता। मैं हीरो हूं और हमेशा हीरो ही रहना चाहता हूं।” दरअसल, फिल्म रईस में शाहरुख खान ने एक ऐसे शराब-तस्कर की भूमिका निभाई है, जो बाद में राजनीति में आ जाता है और विधायक बन जाता है।

हालांकि शाहरुख खान ने राजनीति में आने की संभावना को भले ही ख़ारिज किया है, लेकिन पिछले साल असहिष्णुता के मुद्दे पर उनके बयान को राजनीति से प्रेरित ही माना गया था। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच में जब देश के कई जाने-माने लेखकों, इतिहासकारों और फिल्मकारों ने मोदी-राज में देश में असहिष्णुता बढ़ने की बात कहकर पुरस्कार लौटाने का अभियान छेड़ रखा था, तब शाहरुख खान ने यह माना था कि देश में असहिष्णुता सचमुच बढ़ गई है। इसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी।

ज़ाहिर है, शाहरुख को इस बात का आभास है कि अगर उनके एक बयान भर से इतना बड़ा तूफ़ान खड़ा हो सकता है, तो अगर वे सचमुच राजनीति में आ गए, तो क्या होगा। शायद शाहरुख इस बात को समझ चुके हैं कि फिल्म में नेता का रोल निभाना आसान है, लेकिन सचमुच में नेतागीरी करना बहुत मुश्किल है।